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World Watch

व्यवसाय शुरू करना: भारत (2026)

मध्यमदेश सूचकांक 67 · B

भारत अधिकांश क्षेत्रों में स्वचालित मार्ग पर 100% विदेशी स्वामित्व की अनुमति देता है और SPICe+ के माध्यम से पूरी तरह से डिजिटल एकल-खिड़की निगमन प्रदान करता है जो दस सेवाओं (नाम, डीआईएन, पैन, टैक्स एनुअल नंबर (TAN), जीएसटीआईएन, ईपीएफओ, ESIC, बैंक खाता) के साथ, और सामान्यतः 7–10 कार्यदिवसों में निगमन प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है। हालाँकि, विदेशियों को वास्तविक अड़चनों का सामना करना पड़ता है: एक अनिवार्य भारतीय-निवासी निदेशक (182 दिन या उससे अधिक), क्षेत्रीय सीमाएँ और निषिद्ध क्षेत्र, फेमा (FEMA) रिपोर्टिंग, और भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों के निवेशकों के लिए पूर्व सरकारी अनुमोदन (मार्च 2026 में ≤10% गैर-नियंत्रण हिस्सेदारी के लिए आंशिक रूप से शिथिल)। कुल मिलाकर सेटअप काम करने योग्य है लेकिन इसमें कई एजेंसियों की भागीदारी है।

प्राथमिक ढांचा

निगमीकरण के लिए कंपनिया अधिनियम, 2013 (कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय — MCA V3 पोर्टल पर SPICe+ वेब फॉर्म); विदेशी निवेश के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 समेकित एफडीआई नीति (डीपीआईआईटी) और फेमा (गैर-ऋण साधन) नियम; भूमि-सीमा देशों के लिए प्रेस नोट 3 (2020) जैसा कि 2026 के प्रेस नोट 2 द्वारा संशोधित है।

मुख्य बिंदु

  1. SPICe+ के माध्यम से एकल-खिड़की निगमन

    सभी नई कंपनियाँ MCA V3 पोर्टल पर SPICe+ वेब फॉर्म (भाग A नाम आरक्षण, भाग B निगमन) का उपयोग करके AGILE-PRO-S और INC-9 फॉर्म के साथ एक ही फाइलिंग में दस सेवाएँ प्रदान करते हुए निगमित होती हैं; जब दस्तावेज़ क्रम में होते हैं तो निगमन प्रमाणपत्र जारी होने में सामान्यतः 7–10 कार्यदिवस लगते हैं।

  2. कोई वैधानिक न्यूनतम चुकता पूंजी नहीं

    कंपनी (संशोधन) अधिनियम, 2015 ने पूर्व में निर्धारित न्यूनतम चुकता पूंजी की आवश्यकता (निजी कंपनी के लिए ₹1 लाख, सार्वजनिक कंपनी के लिए ₹5 लाख) को हटा दिया; अब कोई भी निजी सीमित कंपनी किसी भी नाममात्र पूंजी के साथ पंजीकृत की जा सकती है।

  3. विदेशी स्वामित्व — अधिकांश क्षेत्रों में स्वचालित मार्ग से 100% एफडीआई, सीमाओं के साथ

    समेकित एफडीआई नीति के तहत, अधिकांश क्षेत्रों में स्वचालित मार्ग से 100% एफडीआई की अनुमति है; क्षेत्रीय सीमाएँ लागू होती हैं (जैसे, बीमा और रक्षा में 74% तक, दूरसंचार में 49% तक स्वचालित मार्ग पर, फिर अनुमोदन पर, निजी बैंकिंग में 74% तक, बहु-ब्रांड खुदरा में 51% तक अनुमोदन के माध्यम से); लॉटरी, जुआ/सट्टेबाजी, चिट फंड, निधि कंपनियों, रियल एस्टेट व्यवसाय (अनुमत विकास को छोड़कर), तंबाकू निर्माण, और परमाणु ऊर्जा में एफडीआई निषिद्ध है।

  4. अनिवार्य निवासी निर्देशक

    कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 149(3) प्रत्येक कंपनी के लिए यह अनिवार्य करती है कि उसके पास कम से कम एक ऐसा निदेशक हो जो वित्तीय वर्ष के दौरान कुल मिलाकर कम से कम 182 दिन भारत में रहा हो; SPICe+ घोषणापत्र को निगमन के समय इस बात की पुष्टि करनी चाहिए और अनुपालन न करने पर दंड लगाया जाता है।

  5. भूमि-सीमा-देश के निवेशकों के लिए पूर्व अनुमोदन (प्रेस नोट 3, संशोधित 2026)

    प्रेस नोट 3 (2020) और फेमा एनडीआई नियमों के तहत, भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले किसी देश (चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार, अफगानिस्तान) में स्थित एक इकाई या एक लाभकारी मालिक से कोई भी एफडीआई के लिए पूर्व सरकारी अनुमोदन आवश्यक है; प्रेस नोट 2 ऑफ 2026 (10 मार्च 2026 को कैबिनेट द्वारा अनुमोदित) इस नियम को शिथिल करते हुए स्वचालित मार्ग की अनुमति देता है, जहाँ निवेश करने वाली इकाई में भूमि-सीमा वाले देश की स्वामित्व हिस्सेदारी 10% तक की गैर-नियंत्रक हिस्सेदारी है, और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए 60-दिन की समय-सीमा निर्धारित करता है।

  6. प्रवेश — व्यावसायिक/रोजगार वीज़ा और एफआरआरओ पंजीकरण

    विदेशी संस्थापक संचालन स्थापित करने के लिए बिजनेस वीजा (या ई-बिजनेस वीजा, सामान्यतः 1 वर्ष, बहु-प्रवेश, प्रति प्रवास अधिकतम 180 दिन) पर प्रवेश कर सकते हैं; 180 दिनों से अधिक रहने के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) में पंजीकरण आवश्यक है। विदेशी निदेशकों को अपोस्टिल/कॉन्सुलरकृत पहचान पत्र और पते का प्रमाण, साथ ही ई-फाइलिंग के लिए डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र की भी आवश्यकता होती है।

यह पृष्ठ सुविधा के लिए अनुवादित है; अंग्रेजी संस्करण ही प्रामाणिक है और यह कानूनी सलाह नहीं है।